टीवी पर पढ़ाई करेंगे 10वीं और 12वीं के छात्र, लॉकडाउन के बीच यूपी सरकार का अहम कदम

देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच छात्रों की पढ़ाई पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है. जिसे देखते हुए यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई अब सीधे दूरदर्शन के माध्यम से करवाने का फैसला किया है.

टीवी पर पढ़ाई करेंगे 10वीं और 12वीं के छात्र, लॉकडाउन के बीच यूपी सरकार का अहम कदम

देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच छात्रों की पढ़ाई पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है. जिसे देखते हुए यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई अब सीधे दूरदर्शन के माध्यम से करवाने का फैसला किया है. हाईस्कूल और इंटर के विद्यार्थियों का कोर्स पूरा कराने के लिए कक्षाओं का सीधा प्रसारण दूरदर्शन पर होगा.

विद्यार्थी घर बैठे ही दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण देखकर अपनी क्लासेस अटेंड कर सकेंगे. इसके लिए राज्य सरकार ने भी निर्देश दे दिए है. जिसके बाद शिक्षा विभाग ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है, साथ ही जल्द ही दूरदर्शन के माध्यम से क्लासेज शुरू करने का फैसला किया है.

इस तरह होगी पढ़ाई
उत्तर प्रदेश के लिए लखनऊ के निशातगंज में एसआईईटी के ऑफिस में इसके लिए लेक्चर की रिकॉर्डिंग की जाएगी. इस काम के लिए यूपी की राजधानी में दसवीं और बारहवीं कक्षा की पढ़ाई पर अच्छी कमान और जानकारी रखने वाले राजकीय कॉलेज और निजी विद्यालयों के शिक्षकों को तलाश किया जा रहा है. इसके बाद लखनऊ के निशातगंज में स्थित स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी में शिक्षकों के लेक्चर को रिकॉर्ड किया जाएगा. जिसका प्रसारण दूरदर्शन पर किए जाने का फैसला लिया गया है. 

हेल्पलाइन नंबर की सुविधा भी शुरू 
कक्षाएं सुबह 2 घंटे और शाम को 2 घंटे चलेंगी. इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबर की सुविधा भी शुरू की जाएगी.

बिना परीक्षा प्रमोट किए गए छात्र
बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोना के संक्रमण की गंभीर स्थिमति को देखते हुए लॉकडाउन का सख्ती से पालन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही 3 मई तक पूरे देश में लॉकडाउन के चलते कहीं भी स्कूल-कॉलेज नहीं खोले जा रहे हैं. वहीं कई परीक्षाएं भी कैंसिल की जा चुकी हैं. पढ़ाई में हो रहे नुकसान को देखते हुए सराकर ने आठवीं, नौंवी और ग्यारहवीं के छात्रों को बिना परीक्षा प्रमोट करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद उन्हें आगे की कक्षाओं में प्रमोट कर दिया गया है. वहीं अब 10वीं और 12वीं कक्षाओं के छात्रों के लिए क्लासेस देने का फैसला लिया गया है.