योगी के समर्थन में अखाड़ा परिषद, कह दी कुछ ऐसी बात जिससे बिगड़ सकता है माहौल 

उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा लाया जाने वाला जनसंख्या नियंत्रण बिल पिछले एक हफ्ते से सियासत के गलियारों में  चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इस बिल पर अपनी सहमती जता रहे हैं तो वही दूसरी कई लोग ऐसे भी हैं जो इसको सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बता कर इसका विरोध कर रहे हैं। 

योगी के समर्थन में अखाड़ा परिषद, कह दी कुछ ऐसी बात जिससे बिगड़ सकता है माहौल 
Mahant Narendra Giri

उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा लाया जाने वाला जनसंख्या नियंत्रण बिल पिछले एक हफ्ते से सियासत के गलियारों में  चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इस बिल पर अपनी सहमती जता रहे हैं तो वही दूसरी कई लोग ऐसे भी हैं जो इसको सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बता कर इसका विरोध कर रहे हैं। 

दो दिन पहले इस बिल को लेकर VHP के कार्यकारी अध्यक्ष ने एक बच्चे वाली नीति को गलत बता कर उत्तर प्रदेश सरकार को इसे बदलने को कहा था, वहीं मुसलमानों के संगठन देवबंद ने भी इसके लिए अपना विरोध जताया है। अब इस बिल को लेकर साधु-संतो की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने अपनी प्रतिक्रिया दे दी है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का समर्थन और स्वागत करते हुए कहा है कि अखाड़ा परिषद और सभी साधु-संत इसको लेकर जागरुकता अभियान चलाएंगे। 

महंत गिरीः जनसंख्या बढ़ने से समस्या पैदा हो रही है

जनसंख्या नियंत्रण कानून के समर्थन में बेझिझक बात करते हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि “मुसलमान कहते हैं कि अल्लाह की देन है। आखिर बच्चा पैदा करने में अल्लाह कहां से आ जाते हैं और अल्लाह की क्या देने है? जब देखो अल्लाह को बीच में ले आते हैं। मुसलमान चाहे तीन बीवियां रखे लेकिन बच्चे दो ही रखने चाहिए। अब यह नहीं चलेगा कि हर बीवी से दो बच्चे, तो 7 बीवी से 14 बच्चे। मुस्लिम समाज को भले ही तीन महिलाओं से निकाह करने की छूट हो लेकिन दो बच्चे पैदा करने की ही इजाजत होनी चाहिए।”

इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि “जनसंख्या इतनी बढ़ती जा रही है कि तमाम तरह की दिक्कतें पैदा हो रही है। न शिक्षा मिल पा रही है और न ही इलाज मिल पा रहा है। इसलिए योगी जी का निर्णय बिल्कुल सही है और इस पर कड़ा कानून बनना ही चाहिए।”

बता दें कि अखाड़ा परिषद ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से अपील की है कि वह जनसंख्या नियंत्रण कानून को खुले मन से स्वीकार करें और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर अपने धर्म के लोगों को समझाने के साथ जागरुक करें। इसके साथ ही अखाड़ा जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए लोगों को जागरूक करने का अभियान भी चलाएगा।