किसान क्रेडिट कार्ड का उठाएं लाभ, मोदी सरकार किसानों को बिना गारंटी दे रही लोन

भारतीय अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख कृषि क्षेत्र माना जाता है. देश के लघु और सीमान्त श्रेणी के कृषकों कम ब्याज दर पर किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए फसली ऋण मुहैया कराई जाती है

किसान क्रेडिट कार्ड का उठाएं लाभ, मोदी सरकार किसानों को बिना गारंटी दे रही लोन

भारतीय अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख कृषि क्षेत्र माना जाता है. देश के लघु और सीमान्त श्रेणी के कृषकों कम ब्याज दर पर किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए फसली ऋण मुहैया कराई जाती है. इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ाती है, साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है. अब किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर एक बड़ी खबर आई है. 

दरअसल, किसानों खेती करने के लिए बिना गारंटी के 1.60 लाख रुपए का लोन ले सकते है. इससे पहले 1 लाख रुपये तक लोन दिया जाता था, लेकिन अब सरकार ने यह कदम उठाया है, जिससे लोन लेना और भी आसान कर दिया है. 

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी का कहना है कि यह ऋण किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए मिलेगा. हम खुशहाल किसान और समृद्ध भारत बनाना चाहते हैं. सरकार बिना गारंटी लोन इसलिए से रही है ताकि वे साहूकारों के चंगुल में न फंसे. उन्होंने बताया है कि समय पर भुगतान करने पर 3 लाख रुपए की सीमा तक किसानों को 4 फीसदी के ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा. 

इस मामले में बैंकों को कहा गया है कि किसान के ऋण आवेदन जमा करने के 15 दिन के अंदर किसान क्रेडिट कार्ड जारी करें. खास बात है कि किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंकों के सभी प्रोसेसिंग चार्ज खत्म कर दिए गए हैं. पशुपालन और मत्स्यपालक किसानों को भी किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 2 लाख रुपए तक का कर्ज देने की सुविधा दी गई है.

गौरतलब है कि देश में अभी मुश्किल से 7 करोड़ किसानों के पास ही किसान क्रेडिट कार्ड है, जबकि किसान परिवार 14.5 करोड़ हैं. ऐसा इसलिए है कि बैंकों ने इसके लिए प्रक्रिया बहुत जटिल की हुई है, ताकि किसानों को कम से कम कर्ज देना पड़े.

ऐसे बनेगा किसान क्रेडिट कार्ड

  • गांवों में कैंप लगाए जाएंगे, जिनमें किसान के पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र,  आधार कार्ड,  जमीन का रिकॉर्ड और फोटो जमा की जाएगी. जिसके बाद बैंक को किसान क्रेडिट कार्ड बनाना पड़ेगा.
  • जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी गांवों में कैंप लगाने का कार्यक्रम बनाएगी, जबकि राज्य स्तरीय कमेटी इसकी निगरानी करेगी. 
  • सबसे बड़ी भूमिका जिलों के लीड बैंक मैनेजरों की तय की गई है. 

किसानों को मिलती है बड़ी छूट
आपको बता दें कि किसान को खेती करने के लिए ब्याजदर वैसे तो 9 प्रतिशत मिलती है, लेकिन सरकार इसमें 2 परसेंट की सब्सिडी देती है. इस तरह यह 7 प्रतिशत पड़ता है. अगर किसान समय पर इसको लौटा देता है, तो इस पर 3 प्रतिशत और छूट दी जाएगी. इस तरह इसकी दर ईमानदार किसानों के लिए मात्र 4 फीसदी रह जाती है. बता दें कि कोई भी साहूकार इतनी सस्ती दर पर किसी को कर्ज नहीं दे सकता. अगर अब किसी भी किसान को खेती करने के लिए कर्ज चाहिए, तो साहूकार की जरुरत नहीं पड़ेगी. किसान सीधा बैंक जाकर, किसान क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है. 

लेखक - विवेक राय