कोरान वायरस के कहर के बीच दिल्ली सरकार ने पेश किया बजट,जानिए क्या है खास

केजरीवाल सरकार ने बजट में फिर से उन विभागों को प्राथमिकता दी है, जिन्हें चुनावी दौर में भुनाया गया था. यह बजट दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने पेश किया. इस बजट में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्लासेज की व्यवस्था करने के लिए 100 करोड़ रुपये दिए जाने का ऐलान किया गया है.

कोरान वायरस के कहर के बीच दिल्ली सरकार ने पेश किया बजट,जानिए क्या है खास

देश में कोरोना का कहर जारी है, लगभग सभी राज्यों में कोरोना अपने पैर फैला चुका है. जिसकी वजह से राज्यों को लॉकडाउन भी किया गया है. ताकि लोग एक दूसरे के संपर्क में न आएं इसके लिए राजधानी दिल्ली में भी लॉकडाउन किया गया है. दिल्ली की लाइफ लाइन कही जाने वाली मेट्रो भी कोरोना की वजह से रोक दी गई है. लेकिन दिल्ली सरकार ने इसी बीच तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया है. 

केजरीवाल सरकार ने बजट में फिर से उन विभागों को प्राथमिकता दी है, जिन्हें चुनावी दौर में भुनाया गया था. यह बजट दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने पेश किया. इस बजट में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्लासेज की व्यवस्था करने के लिए 100 करोड़ रुपये दिए जाने का ऐलान किया गया है.

बजट में क्या है खास
वित्त वर्ष 2020-21 के लिए केजरीवाल सरकार ने 65 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. साल 2021 तक दिल्ली में महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा देने की सुविधा दी जाएगी. स्वास्थ्य क्षेत्र को अगले साल के लिए 7,704 करोड़ रुपये का दिए जाने की बात कही गई है. 724 करोड़ रुपये की लागत से नए अस्पतालों की निर्माण कराया जाएगा. मोहल्ला क्लीनिक और पॉलिक्लिनिक्स खोले जाने के लिए 365 करोड़ रुपये दिए गए हैं. बजट में 145 नए स्कूल ऑफ एक्सिलेंश खोलने की घोषणा की गई है. अनधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए 1,700 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. दिल्ली की सड़कों का डिजाइन बदलने के लिए 193 करोड़ रुपये बांटे जाने की बात कही गई है. बता दें कि केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में भी लागू कर दी गई है. कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है.

बता दें कि कोरोना के कहर को देखते हुए शहर में सब कुछ बंद कर दिया गया है. वहीं सदन का सत्र भी सिर्फ एक दिन के लिए ही चलाया गया था. जोकि सरकार के बजट सत्र पेश करने के लिए ही चलाया गया था. लोगों के बीच दूरियां बनाएं रखने कि लिए हर चीज बंद कर दी गई है.