हिंदुओं को जबरन बनाया जा रहा मुसलमान, अब पीड़ितों ने की मोदी सरकार से ये बड़ी मांग 

मौजूदा वक्त में धर्मांतरण संजीदा समस्या के रूप में उभरकर सामने आ रही है। अगर समय रहते इसके खिलाफ कदम नहीं उठाए गए तो यह आगामी  दिनों में इस मसले की संजीदगी को बढ़ा सकती है। हालांकि, किसी भी लोकतांत्रिक देश में रहने वाले नागरिक को यह पूरी स्वतंत्रता रहती है कि वो अपने मन मर्जी से अपने मजहब का चयन कर सकता है, लेकिन जब जबरन किसी का धर्मांतरण कराया जाए तो यकीनन यह विवेचना का विषय है।

हिंदुओं को जबरन बनाया जा रहा मुसलमान, अब पीड़ितों ने की मोदी सरकार से ये बड़ी मांग 
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मौजूदा वक्त में धर्मांतरण संजीदा समस्या के रूप में उभरकर सामने आ रही है। अगर समय रहते इसके खिलाफ कदम नहीं उठाए गए तो यह आगामी  दिनों में इस मसले की संजीदगी को बढ़ा सकती है। हालांकि, किसी भी लोकतांत्रिक देश में रहने वाले नागरिक को यह पूरी स्वतंत्रता रहती है कि वो अपने मन मर्जी से अपने मजहब का चयन कर सकता है, लेकिन जब जबरन किसी का धर्मांतरण कराया जाए तो यकीनन यह विवेचना का विषय है। आज कल कुछ ऐसा ही पाकिस्तान में हो रहा है। वहां लगातार लोगों का धर्मांतरण जारी है। अब इस धर्मांतरण की ओर मोदी सरकार का भी ध्यान भी आकृष्ट किया गया है।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में जबरन धर्मांतरण का शिकार हुए लोगों ने पीएम मोदी से मांग की है कि उन्हें भारत की नागरिकता प्रदान की जाए। इतना ही नहीं, पाकिस्तान में मौजूदा हिंदुवादी संगठनों ने पाकिस्तान सरकार से जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाने का ताकीद की है, मगर पाकिस्तान सरकार लगातार इस ताकीद पर अपनी बेरुखी ही दिखा रही है। उनकी उदासीनता से यह साफ जाहिर होता है कि उन्हें इस बात से किसी भी प्रकार का कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आखिर पाकिस्तान में किसका धर्म परिवर्तन किया जा रहा है और किसका नहीं है। 

वहीं, अब इस पूरे मामले में उस वक्त नया मोड़ देखने को मिला, जब जबरन धर्मांतरण के शिकार हुए लोगों ने मोदी सरकार से भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है। अब ऐसे में यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले पर क्या कुछ प्रतिक्रिया व्यक्त कर करती है। बता दें कि विगत दिनों पाकिस्तान के सिंध प्रांत  में कुल ६० हिंदुओं का धर्मांतरण करवाया गया था, जिसके बाद से अब लगातार हिंदू संगठनों के द्वारा भारत सरकार से नागरिकता देने की बात कही जा रही है।