बता दे रहे हैं अगर यूपी में योगी जी जीत गए न तो हम बंगाल भाग जाएंगे: मुनव्वर राणा 

‘हम साफ कह देते हैं कि भइया अगर यूपी में योगी जी जीत गए तो हम बंगाल भाग जाएंगे। ई जो ओवैसी है न...ई योगी जी को जितवा कर ही दम लेंगे। ये यूपी में एंट्री लेने पर आमादा हो चुके हैं और यह मुसलमानों को वोट काटेंगे जिसका सीधा फायदा बीजेपी उठाएगी और बीजेपी के पास कोई काम धंधा रह नहीं गया है।

 बता दे रहे हैं अगर यूपी में योगी जी जीत गए न तो हम बंगाल भाग जाएंगे: मुनव्वर राणा 
Munavar Rana

‘हम साफ कह देते हैं कि भइया अगर यूपी में योगी जी जीत गए तो हम बंगाल भाग जाएंगे। ई जो ओवैसी है न...ई योगी जी को जितवा कर ही दम लेंगे। ये यूपी में एंट्री लेने पर आमादा हो चुके हैं और यह मुसलमानों को वोट काटेंगे जिसका सीधा फायदा बीजेपी उठाएगी और बीजेपी के पास कोई काम धंधा रह नहीं गया है। इनका सिर्फ एकमात्र उद्देश्य है कि बस मुसलमानों को परेशान करो और अपनी सियासत चमकाओ। कभी जनसंख्या नियंत्रण कानून के नाम पर तो कभी आतंकवाद के नाम पर गिरफ्तारी को लेकर तो कभी धर्मांतरण को लेकर। इनके पास प्रदेश के विकास के लिए कोई रूपरेखा नहीं है और अब जब सूबे में ओवैसी की एंट्री होने जा रही है तो जाहिर-सी बात है कि इसका फायदा बीजेपी उठाएगी। ऐसा पिछले कुछ सालों से देखा जा रहा है। बिहार में भी ऐसा ही हुआ है’।  

यह किसी और के अल्फाज नहीं, बल्कि हमेशा से किसी न किसी मसलों पर सुर्खियों के बाजार में छाए रहने वाले मशहूर शायर मन्नवर राणा के अल्फाज हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में चुनाव को देखते हुए अपने दिली सुरत-ए-हाल का इजहार किया है। अमूमन, वे बीजेपी के खिलाफ मोर्चाबंदी करने में मसरूफ रहते हैं और ऐसे में जब कुछ माह बाद प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने जा रहा है, तो वे अपने इस काम को और धार देने में जुट चुके हैं। खैर, अब उत्तर प्रदेश में बीजेपी का क्या कुछ कमाल दिखा पाती है। यह तो फिलहाल भविष्य के गर्भ में छुपा है, लेकिन चुनाव से पहले दिए राणा के इस बयान को लेकर प्रदेश का सियासी पारा गरमाने तय माना जा रहा है।

 वहीं, जिस ओवैसी का जिक्र राणा ने अपने बयान में किया है। वह उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं। अगर ऐसा हुआ तो उन सभी सियासी दलों को सियासी क्षति का सामना करना पड़ सकता है, जो अब तक मुस्लिम मतदाताओं  को रिझाने की कोशिश करते आ रहे हैं। आप हमारा इशारा समझ गए होंगे न। जी हां...बिल्कुल हम कांग्रेस और सपा जैसे दलों की बात कर रहे हैं। अगर ओवैसी की एंट्री उत्तर प्रदेश में हुई तो इसका सीधा नुकसान सपा और कांग्रेस जैसे दलों को होगा, अब तक मुस्लिमों व दलितों के सहारे प्रदेश में अपनी सियासी दुकान चलाती हुई आई है। वहीं, बीते दिनों जिस तरह से काशी दौरे के दौरान सीएम योगी के नाम तारीफों के पुल बांधे हैं। उससे भी बीजेपी की प्रदेश के सियासी आगामी रूपरेखा का इजहार होता है। खैर, यह तो रहे प्रदेश के मौजूदा हालात, लेकिन प्रदेश में किसकी सरकार बनती है। यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा। तब तक के लिए आप देश- दुनिया की हर बड़ी खबर से रूबरू होने के लिए पढ़ते रहिए...शाइनिंग इंडिया.कॉम