भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी ही कंधार में हत्या, अफगानिस्तानी सुरक्षाबलों के साथ रिपोर्टिंग के लिए थे गए 

इस वक्त की बड़ी व दुखद खबर अफगानिस्तान के कंधार प्रांत से सामने आ रही है। खबर है कि भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या कर दी गई है। वे अफगानिस्तानी सुरक्षाबलों के साथ एक रिपोर्टिंग के लिए निकले थे, जहां उनकी हत्या कर दी गई।

भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी ही कंधार में हत्या, अफगानिस्तानी सुरक्षाबलों के साथ रिपोर्टिंग के लिए थे गए 
Indian Journalist Danish

इस वक्त की बड़ी व दुखद खबर अफगानिस्तान के कंधार प्रांत से सामने आ रही है। खबर है कि भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या कर दी गई है। वे अफगानिस्तानी सुरक्षाबलों के साथ एक रिपोर्टिंग के लिए निकले थे, जहां उनकी हत्या कर दी गई। यह जानकारी अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मुमडंजे ने दी है। उन्होंने भारतीय पत्रकार के मौत पर दुख व्यक्त किया है। जिस तरह उनकी हत्या की गई है, उसे लेकर भारतीय पत्रकारों में शोक की लहर देखने को मिल रही है। पत्रकार दानिश सिद्दीकी की जिस तरह हत्या की गई है, उसे लेकर कई भारतीय पत्रकार सामने आकर शोक व्यक्त कर रहे हैं। 

अफगानिस्तानी राजदूत ने क्या कहा 

वहीं, पत्रकार दानिश सिद्दीकी की मौत पर अफगानिस्तानी राजदूत ने ट्वीट कर कहा कि मेरे दोस्त दानिश की जिस तरह हत्या की गई है, उसे लेकर मैं दुखित हूं। उन्होंने कहा कि काबूल जाने से पहले मैं उनसे मिला था। उनके परिवार के प्रति मैं संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। बताया जा रहा है कि अभी कुछ दिनों पहले ही उन्होंने अफगानिस्तान पुलिस को लेकर कुछ ऐसी इनवेस्टिगेशन रिपोर्टिंग की थी, जिसके बाद से वे लगातार अफागिस्तानी आतंकियों के निशाने पर आ चुके है, जिसे आज हमने सिद्दीकी की हत्या के रूप में चरितार्थ होते हुए देख लिया है। 

 बहुत प्रतिभाशाली थे सिद्दीकी 

यहां हम आपको बताते चले कि भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी काफी प्रतिभावान पत्रकार थे। उनकी काबिलियत का अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि उन्हें उनके काम के लिए पुल्तिजर पुरुस्कार से भी नवाजा जा चुका है। यह पुरस्कार उन्हें रोंहिगा रिपोर्टिंग कवरेज को लेकर दिया गया।  

ऐसा था उनका कवरेज  

दानिश सिद्दीकी ने अपने करियर की शुरूआत की टीवी न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद उन्होंने टीवी पत्रकारिता को अलविदा कह फोटो पत्रकारिता में कदम रखने का मन बनाया और इसमें लगातार नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर ही   रहे थे कि इससे पहले ही उनकी हत्या कर दी गई। सिद्दीकी की हुई हत्या से न महज भारतीय पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है, बल्कि अफगानिस्तान में भी उनके पत्रकार साथी शोक व्यक्त कर रहे हैं।