क्या है पेट्रोल के दाम कम करने का तरीका? नितिन गडकरी ने कहा 20 रुपये...

पिछले कई दिनों से हिंदूस्तान की जनता पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोत्तरी से परेशान है। एक तरफ जहां लोग ईंधन की कीमतों पर हो रहे बढ़ोत्तरी को लेकर सरकार से नाराज दिखाई दे रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार की विफलताओं का हवाला देते हुए खूब राजनीतिक रोटियां सेंक रही है।

क्या है पेट्रोल के दाम कम करने का तरीका? नितिन गडकरी ने कहा 20 रुपये...
Nitin Gadkari

पिछले कई दिनों से हिंदूस्तान की जनता पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोत्तरी से परेशान है। एक तरफ जहां लोग ईंधन की कीमतों पर हो रहे बढ़ोत्तरी को लेकर सरकार से नाराज दिखाई दे रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार की विफलताओं का हवाला देते हुए खूब राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। आने वाले दिनों में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर कमी के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मानते हैं कि इन सब बढ़ोत्तरियों से जनता केंद्र की मोदी सरकार से खासा नाराज है।

 गडकरीः इथोनॉल के प्रयोग से 20 रुपये की बचत 

दरअसल, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी नागपुर में देश के पहले वाणिज्यिक तरल प्रकृतिक गैस(एलएनजी) फिलिंग स्टेशन का उद्धघाटन करने पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने कहा कि वाहन ईंधन के रुप में इथेनॉल का प्रयोग पट्रोल की तुलना में 20 रुपये प्रति लीटर तक की बचत कर सकता है। इसके बाद गडकरी ने कहा कि एलएनजी, इथेनॉल, सीएनजी आदी से गाड़ियां चलाकर पट्रोल की खपत को कम किया जा सकता है। इससे आयात कम करना पड़ेगा और भाव भी घटेंगे।

पेट्रोल में यदि इथेनॉल मिला दिया जाए तो भाव 20 रुपये प्रति लीटर तक घट सकते हैं। 
वाणिज्यिक तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) नागपुर में संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इन सब बातों को धरातल में उतारने के लिए फ्लेक्स फ्यूल इंजन नीति का ऐलान करना होगा। इथेनॉल, बायो सीएनजी जैसे स्वदेशी ईंधन को प्राथमिकता देनी होगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि देश में पेट्रोल-डीजल और पेट्रोलियम प्रोडेक्ट्स के इम्पोर्ट पर लगभग 8 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो कि एक बड़ी चुनौती है।