पीएम मोदी ने अपने पद से इस्तीफा....!

आज हम आपको जिस खबर के बारे में बताने जा रहे हैं, उसे जानकर आप हैरान रह जाने वाले हैं और आपका इस तरह हैरान हो जाना लाजिमी है, क्योंकि यह खबर देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे से जुड़ी हुई है। जी हां..क्यों चौंक गए न आप...आप सोच रहे होंगे कि भला इस्तीफे और प्रधानमंत्री का आपस में क्या सरोकार है।

पीएम मोदी ने अपने पद से इस्तीफा....!
PM Modi and Rahul Gandhi

आज हम आपको जिस खबर के बारे में बताने जा रहे हैं, उसे जानकर आप हैरान रह जाने वाले हैं और आपका इस तरह हैरान हो जाना लाजिमी है, क्योंकि यह खबर देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे से जुड़ी हुई है। जी हां..क्यों चौंक गए न आप...आप सोच रहे होंगे कि भला इस्तीफे और प्रधानमंत्री का आपस में क्या सरोकार है। क्यों...क्या हुआ...क्या सोच रहे हैं आप...यही न कि क्या प्रधानमंत्री इस्तीफा देने जा रहे हैं? आइए, करते हैं इस खबर की पूरी तस्दीक। जानते हैं कि आखिर क्या है प्रधानमंत्री के इस्तीफे की सच्चाई... जानने के लिए पढ़िए यह खास रिपोर्ट 

पीएम मोदी का इस्तीफा ! 

 बेशक, अब कोरोना से हालात पूरी तरह से दुरूस्त हो चुके हों। कोरोना के मामले कम हो रहे हों। कल तक वीरान रहने वाली गलियां अब लोगों की  आमद से गुलजार हो रहीं हों। खामोश चेहरे अब खिलखिलाना शुरू हो रहे हों। लोगों का आर्थिक पहिया अब चलना शुरू हो चुका हो, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर की उस विभीषिका को भला कैसे भुलाया जा सकता है, जब पूरे देश में कोरोना का कहर अपने चरम पर पहुंच चुका था। आए दिन संक्रमितों की तादाद अपने चरम पर पहुंच रही थी। वहीं, अस्पतालों की बदइंतजामी ने इस स्थिति को और संजीदा बना दिया था। ऐसे में राजनीतिक दलों की प्रत्येक गतिविधियां निर्णायक हो जाती है, लेकिन इन गतिविधियों में बीजेपी जिस तरह फिसड्डी साबित हुई, उसे लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इतना ही नहीं, दूसरी लहर के दौरान केंद्र सरकार की बदइंतजामी की वजह से पीएम मोदी को नीरो की संज्ञा दे दी गई थी। 

इतना ही नहीं, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पीएम मोदी से उन दिनों ट्विटर समेत अन्य सोशल मीडिया मंचों पर २ लाख से अधिक लोगों ने इस्तीफा देने की मांग की थी। हालांकि, यह अलग बात है कि इसमें से सर्वाधिक ट्विट कांग्रेस, टीएमसी, सपा, बसपा समेत अन्य दलों की तरफ से किए गए थे। 

कांग्रेस के कई नेताओं ने तो उन दिनों यहां तक कह दिया था कि हमें ऐसे प्रधानमंत्री की कोई आवश्यकता नहीं है, जो देश की सुरक्षा न कर सकें। बता दें कि इससे पहले भी कृषि कानून, सीएए समेत कोरोना वायरस सरीखे मसले को लेकर उनसे इस्तीफे मांगें जा चुके हैं। वहीं, अगर मौजूदा वक्त में कोरोना वायरस की स्थिति की बात करें, तो हालात अभी नियंत्रण में बने हुए हैं।  अब ऐसे में जब कोरोना की तीसरी लहर के आने की संभावना बताई जा रही है, तो ऐसे में सरकार की क्या रणनीति रहती है। यह तो फिलहाला आने आने वाला वक्त ही बताएगा। तब तक के लिए आप देश-दुनिया की तमाम बड़ी खबरों से रूबरू होने के लिए पढ़ते रहिए...शाइनिंग इंडिया.कॉम