गाजीपुर का बवाल, भाकियू के 100 कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया केस

तकरीबन 7 माह से कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे  किसान एक बार फिर दिल्ली की सीमाओ पर पहुंचकर सरकार से इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

गाजीपुर का बवाल, भाकियू के 100 कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया केस
Farmer Protest

तकरीबन 7 माह से कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे  किसान एक बार फिर दिल्ली की सीमाओ पर पहुंचकर सरकार से इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वहीं, भारतीय संविधान भी प्रत्येक नागरिक को सरकार द्वारा  लिए गए फैसले के विरोध का अधिकार देती है, लेकिन जब कोई इस विरोध की आड़ में हिंसा पर आमादा हो जाए, तो इसके लिए कानून में कड़े प्रावधान भी बनाए गए। अब इन्हीं प्रावधानों के तहत भाकियू के १०० कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। भाकियू कार्यकर्ताओं के खिलाफ यह केस गाजीपुर बवाल को लेकर दर्ज किया गया है। पुलिस ने अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं,  पुलिस के हाथ इस हिंसक वारदात से जुड़े कुछ वीडियो भी लगे हैं, जिसके जरिए पुलिस अब ऐसे सभी लोगों को चिन्हित   कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में जुट चुकी है। 

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस 

बता दें कि पुलिस ने भाकियू के इन कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 223, 352, 427, 506 के तहत केस दर्ज किया है। अब ऐसे में इन कार्यकर्ताओं के खिलाफ कुछ कार्रवाई आगे की जाती है। यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन, उससे पहले हम आपको कल आखिर क्या कुछ हुआ था, उससे आपको रूबरू कराए चलते हैं। 

आखिर क्या है पूरा माजरा 

ध्यान रहे कि कोरोना के कम होते मामलों को ध्यान में रखते हुए एक बार फिर आंदोलनकारी किसान दिल्ली की सीमाओं पर केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन करने पहुंच चुके हैं। वे लगातार सरकार से इसे वापस लेने की  मांग कर रहे हैं। वहीं, कल बीजेपी नेता अमित वाल्मिकी आंदोलनस्थल पर पहुंच गए, जिसके बाद उनका स्वागत करने के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं भी पहुंच गए, जिसका वहां मौजूद आंदोलनकारी किसानों ने विरोध किया। वहीं, किसानों के रवैये से खिन्न देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच झड़प हो गई। लाठी डंडे चले। तलवारे चलने लगी, लेकिन भाकियू कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक होने की वजह से बीजेपी कार्यकर्ता हल्के पड़ गए। नतीजतन, उन्हें वहां से भागना पड़ गया।