शादी के बाद खराब न हो वैवाहिक जीवन, इन 5 आदतों को बदलने की है जरूरत

अच्छा जीवनसाथी वो होता है जो अपनी पत्नी की भावनाओं को समझें, प्यार करे उसे और पत्नी का सम्मान करें. बेवजह किसी बात को लेकर बखेड़ा न खड़ा करें. ऐसा तभी संभव होगा जब पति-पत्नी दोनों के रिश्ते मुधर होंगे. अपने पार्टनर के साथ आपके संबंध जीतने मधुर होंगे आपका शादीशुदा जीवन उतना ही अच्छा रहेगा. अक्सर देखा गया है कि शादी के कुछ सालों बाद ही पति-पत्नी के रिश्ते में तल्खी शुरू हो जाती है. कई बार तलाक तक की नौबत आ जाती है. ऐसे में जानने की कोशिश करते हैं वो कौन से कारण हैं जिनकी वजह ऐसा होता है.

शादी के बाद खराब न हो वैवाहिक जीवन, इन 5 आदतों को बदलने की है जरूरत

अच्छा जीवनसाथी वो होता है जो अपनी पत्नी की भावनाओं को समझें, प्यार करे उसे और पत्नी का सम्मान करें. बेवजह किसी बात को लेकर बखेड़ा न खड़ा करें. ऐसा तभी संभव होगा जब पति-पत्नी दोनों के रिश्ते मुधर होंगे. अपने पार्टनर के साथ आपके संबंध जीतने मधुर होंगे आपका शादीशुदा जीवन उतना ही अच्छा रहेगा. अक्सर देखा गया है कि शादी के कुछ सालों बाद ही पति-पत्नी के रिश्ते में तल्खी शुरू हो जाती है. कई बार तलाक तक की नौबत आ जाती है. ऐसे में जानने की कोशिश करते हैं वो कौन से कारण हैं जिनकी वजह ऐसा होता है. 

घर की बातें घर में रखें

कई बार देखा गया है कि लोग अपने पार्टनर के बारे में अपनी सहेलियों, दोस्तों या रिश्तेदारों को बताने लगते हैं.  जब आप उनकी बुराईयां लोगों को बताएंगे तो उनके बारें में बुरा ही सुनने को मिलेगा. जिससे बहुत बार आपके सोचने का तरीका नकारात्मक हो जाता है और इन सबकी वजह से लड़ाई-झगड़े शुरू हो जाते हैं.

पिछली गलतियों पर ध्यान न दें

आपस में झगड़ा होना कोई नई बात नहीं हैं. लेकिन हर बार झगड़े के समय पिछली गलतियों को गिनाना शुरू कर देंगे तो फिर झगड़े कभी खत्म ही नही हो पाएंगे. तो भलाई इसी में हैं कि पुरानी बातों को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ा जाए. 

एक झगड़े के मूड में है तो दूसरे को चुप हो जाना चाहिए

अगर कोई एक झगड़े के मूड में है तो दूसरे को चुप हो जाना चाहिए. इसी में भलाई है लेकिन ये मौन बहुत लंबा न खीचें. अगर एक दूसरे से बात करना ही छोड़ देंगे तो फिर रिश्ते में दरार पड़ना स्वाभाविक है. 

एक दूसरे के अभिभावकों के प्रति सम्मान की भावना रखें

किसी को भी अपने माता-पिता की बुराई करना पसंद नहीं है. अगर रिश्ते में खटास नहीं पैदा करनी तो जरूरी है कि एक दूसरे के अभिभावकों के प्रति सम्मान की भावना रखें. 

तुलना न करें

जीवनसाथी की तुलना किसी दूसरे के जीवनसाथी से न करें. हर इंसान की अपनी खूबियां होती हैं. हो सकता है दूर से जिस इंसान का स्वभाव अच्छा लग रहा है वो वैसा न हो. इसलिए अपने पार्टनर की तुलना किसी अन्य व्यक्ति से न करें.