आत्मा योजना से महिलाएं बन रहीं हैं आत्मनिर्भर

आज के दौर में किसान तभी आगे बढ़ सकते हैं, जब उन्हें नई तकनीकों का इस्तेमाल करना आता हो. किसानों के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. जिसके बारे किसान भाईयों को पूरी जानकारी रखनी चाहिए

आत्मा योजना से महिलाएं बन रहीं हैं आत्मनिर्भर

आज के दौर में किसान तभी आगे बढ़ सकते हैं, जब उन्हें नई तकनीकों का इस्तेमाल करना आता हो. किसानों के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. जिसके बारे किसान भाईयों को पूरी जानकारी रखनी चाहिए. इसी कड़ी में मोदी सरकार ने 'आत्मा' (Agriculture Technology Management Agency) नाम से एक स्कीम बनाई है.

इस आत्मा स्कीम के तहत किसानों को खेती से जुड़ी नई तकनीक के बारे मेम बताया जाएगा. साथ ही उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाता हैं, जिससे वे उस जानकारी का सही तरह से उपयोग कर सकें. किसानों के खेती के लिए खेती में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों को भी उपलब्ध कराया जाता है. इस तरह सभी तरह की जानकारी के साथ उन्हें उन्नत खेती के गुण सिखाए जाते हैं जिससे वे एक प्रगतिशील किसान बन सकें.

महिला किसान भी बनें आत्मनिर्भर
आत्मा स्कीम से महिला किसानों को भी आगे लाया जा रहा है. उन्हें खेती से जुड़ी सारी जानकारी देकर प्रशिक्षित किया जा रहा है. महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें व्यवसाय से जुड़ने के भी मौके दिए जाते हैं. इसके लिए कृषि विभाग की कृषि तकनीकी अभिकरण (आत्मा) योजना एक बड़े मंच के तौर पर सामने आ सकती है. महिला किसान के एक समूह में 10 महिलाओं का होना ज़रूरी है. 

इन क्षेत्रों में दिया जा रहा प्रशिक्षण
किसानों को Agriculture technology management agency के ज़रिए खेती-बाड़ी के साथ-साथ  दुग्ध उत्पादन, पशुपालन के लिए प्रशिक्षित किया जाता है. बता दें कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती से भी अवगत कराना है. ऐसा माना जाता है कि अभी भी कुछ किसान वैज्ञानिक खेती के बारे में नहीं जानते है. जिससे किसान अपनी फसल की अच्छी और सही देखभाल कर ज़्यादा पैदावार पा सकते हैं और अपनी आय में भी बढ़ोतरी कर सकते हैं. इसके लिए किसानों को जानकारी और प्रशिक्षण देने के लिए वैज्ञानिकों को बुलाया जाता है. जो आधुनिक खेती के बारे में बताते हैं. हर प्रशिक्षण के लिए पांच हजार से पांच लाख रुपये तक की धनराशि निर्धारित की गयी है. इसके साथ ही महिला किसानों के लिए समूहों को विभाग की तरफ से धन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपना रोज़गार शुरू कर सकें. कराकर उनको रोजगार देने का अवसर प्रदान किया जाएगा.

लेखक - विवेक राय